अफीम की खेती के खिलाफ डीसी-एसपी ने संभाली कमान

मामले में संलिप्त दोषियों को किया जा रहा चिन्हित, एनडीपीएस एक्ट के तहत हो रहा मामला दर्ज
मामले में संलिप्त दोषियों को किया जा रहा चिन्हित, एनडीपीएस एक्ट के तहत हो रहा मामला दर्ज

उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/ गीतांजलि

चतरा। चतरा डीसी एवं एसपी ने स्वयं कान्हाचट्टी के राजपुर पहुंचकर कई एकड़ में लगे अवैध पोस्ता-अफीम की खेती को नष्ट कराया। मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिस विभाग के जवानों को कई आवश्यक निर्देश दिया गया है। जबकि क्षेत्र के योग्य और जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर डीसी और एसपी ने विभिन्न योजनाओं के तहत बांटा धोती-साड़ी, कंबल, बैसाखी, ट्राई साइकल समेत अन्य सामग्री का वितरण किया।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा राज्य से पोस्तो-अफीम की खेती को जड़ से समाप्त करने की दिशा में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्य में संलिप्त लोगों से भी उन्होंने पोस्तो-अफीम के कारोबार को छोड़ मुख्य धारा में लौटने का अपील किया है। अभियान के बाद से हीं पोस्तो-अफीम की खेती में कमी आई है। बावजूद इसके कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा चोरी छिपे अवैध पोस्तो-अफीम की खेती को अंजाम देकर आने वाले पीढ़ियों को हानि पहुंचाने हेतु घिनौने कार्य करने में जुटे है। ऐसे लोगों को चिन्हित करने के साथ हीं उनके द्वारा लगाए गए अवैध पोस्तो-अफीम की खेती को नष्ट करने का कार्य इन दिनों चतरा जिले में जॉइंट ऑपरेशन चलाकर किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं चतरा जिले से 1 अक्टूबर 2021 को अफीम-पोस्तो की खेती की पूर्णतया रोकथाम हेतु अफीम मुक्त चतरा अभियान प्रारंभ किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंच से संबोधित करते हुए कहा था कि चतरा समेत कई जिलों में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से अफीम की खेती होती है। इसे रोकने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। अफीम की बजाय मेडिसिनल प्लांट्स आदि की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे लोगों की आमदनी में काफी इजाफा होगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जो भी लोग अफीम की खेती से जुड़े होंगे, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अफीम अथवा अन्य मादक पदार्थों का सेवन करने वाले लोग ना सिर्फ अपना बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ी को भी बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे में हम सभी को इससे दूर रहने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रारंभ किए गए इस अभियान के तहत चतरा प्रशासन द्वारा जिले में लगातार पोस्ता-अफीम की खेती को नष्ट करने हेतु एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई की जा रही है। डीसी अंजली यादव और एसपी राकेश रंजन के दिए निर्देश पर अब कान्हाचट्टी प्रखंड के सुदूरवर्ती राजपुर क्षेत्र एवं इसके आस पास के क्षेत्रो में संयुक्त रूप से जॉइंट ऑपरेशन चलाकर जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं वन विभाग द्वारा क्षेत्र से अफ़ीम की खेती को नष्ट करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

डीसी और एसपी स्वयं ने बाइक में सवार होकर कान्हाचट्टी के राजपुर स्थित सुदूरवर्ती क्षेत्र पहुंचकर कई एकड़ में लगे अवैध पोस्ता-अफीम की खेती को नष्ट कराया। साथ हीं मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं पुलिस विभाग के जवानों को कई आवश्यक निर्देश दिए। विदित हो कि राजपुर थाना क्षेत्र के गाडियां, अंकोदर, धवैया, बिरबीरा एवं अन्य आस-पास के गांव में लगभग 220 एकड़ में ड्रोन समेत अन्य अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर अफीम-पोस्तो की खेती को चिन्हित कर इसे नष्ट किया जा रहा है। साथ हीं कार्य में संलिप्त दोषियों को भी चिन्हित कर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस एक्ट एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर क़ानूनी कार्रवाई की भी प्रक्रिया की जा रही है।

वहीं राजपुर के गाड़िया, अंकोदर में डीसी, एसपी, वन प्रमंडल पदाधिकारी, सीआरपीएफ कमांडेंट, एसडीपीओ चतरा, प्रखंड विकास पदाधिकारी कान्हाचट्टी द्वारा योग्य लाभुकों के बीच धोती-साड़ी, कंबल, बैसाखी, ट्राई साइकल समेत सामग्री का वितरण किया गया। साथ हीं उन्हें हर संभव सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की बात की गई।

मौके पर उपायुक्त ने कहा कि पोस्ता-अफीम की खेती हमारे आने वाले पीढि़यों के लिए काफी हानिकारक सिद्ध होगी। इसका दुष्परिणाम हमारे आने वाली कई पीढि़यों तक को भुगतना पड़ेगा। पोस्ता-अफीम की अवैध खेती को रोकने एवं नष्ट करने के लिए अभियान को तेज कर दिया गया है। उपायुक्त ने आम लोगों को भी साथ मिलकर पहल करने का अपील किया। उन्होंने कहा कि अपने आसपास हो रहे अफीम की खेती के बारे में प्रशासन को सूचित करें। जिससे हम उस क्षेत्र में कार्रवाई कर सके एवं जिले में इस प्रकार की खेती पर पूर्ण रूप से विराम लगाया जा सके।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कान्हाचट्टी प्रखंड के राजपुर क्षेत्र में चलाए जा रहे जॉइंट ऑपरेशन के तहत अफीम-पोस्तो की खेती पर पूर्णतया रोकथाम हेतु अब तक कि यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। लगभग 15 दिनों से अधिक क्षेत्र में रहकर इस जॉइंट ऑपरेशन को चलाया जा रहा है। जिसमें सभी संबंधित अधिकारियों, पुलिस के आला अधिकारियों एवं वन विभाग द्वारा अफीम की खेती नष्ट करने हेतु अत्याधुनिक सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मामले में पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने कहा कि जिले में जहां भी पोस्ता-अफीम की खेती की गयी है। उसे अभियान चला कर नष्ट किया जा रहा है। साथ ही इसमें संलिप्त तस्कर व स्थानीय लोगों को भी चिह्नित कर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस एक्ट (एनडीपीएस एक्ट) के तहत कार्रवाई हेतु मामला दर्ज की जा रही है। प्रशासन द्वारा ड्रोन कैमरे से पोस्ता की खेती पर नजर रखी जा रही है।फोटो

Leave a Reply

Your email address will not be published.