जज उत्तम आनंद की हत्या के मामले में कोर्ट ने किया आरोप गठित

धारा 302, 201 और 34 के तहत आरोप गठित
धारा 302, 201 और 34 के तहत आरोप गठित

धनबाद । धनबाद के दिवंगत जिला अपर न्यायाधीश उत्तम आनंद की मृत्यु मामले में धनबाद सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई । धनबाद सिविल कोर्ट के एजेंसी 3 की कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आरोपी लखन कुमार वर्मा एवं राहुल कुमार वर्मा के खिलाफ आरोप गठित कर दिया गया है । कोर्ट ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 201 और 34 के तहत आरोप गठित किया है । मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 फरवरी की तिथि मुकर्रर की है । जानकारी के मुताबिक, दोनों ही आरोपियों पर साक्ष्य मिटाने का भी आरोप है ।

ऑटो के टक्कर से गई थी जान

बता दें कि धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश 8 उत्तम आनंद की मृत्यु हो गई थी । जज उत्तम आनंद रोज की तरह मॉर्निंग वाक करने अपने आवास से गल्फ ग्रांउड जा रहे थे । इसी दौरान रणधीर वर्मा चौक के आगे जज कॉलोनी मोड़ पर एक ऑटो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी । जिसके बाद तुरंत उन्हें धनबाद मेडिकल कॉलेज एंड हास्लेपिटल जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था ।

सीबीआई ने जांच के लिए नई टीम की है नियुक्त

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने झारखंड के जज उत्तम आनंद की हत्या की जांच के लिए अधिकारियों की एक नई टीम नियुक्त की है. जांच अधिकारियों में यह बदलाव झारखंड हाई कोर्ट द्वारा सुनवाई के दौरान जांच पर बार-बार नाराजगी व्यक्त करने के बाद आया है. पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने सीबीआई अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा था कि चार महीने के अंतराल में संदिग्धों के दो ब्रेन-मैपिंग परीक्षण क्यों किए गए. बता दें कि जज आनंद की हत्या की जांच के लिए झारखंड सरकार द्वारा गठित एसआईटी (विशेष जांच दल) ने सबसे पहले लखन वर्मा और राहुल वर्मा को गिरफ्तार किया था. सीबीआई ने जब इस साल अगस्त में जांच अपने हाथ में ली तो दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया.

अदालत ने दी थी पूछताछ की अनुमति

सीबीआई की नई जांच टीम का नेतृत्व एसपी रैंक के अधिकारी विकास कुमार करेंगे, जिन्हें वर्तमान में दिल्ली में सीबीआई की विशेष अपराध इकाई-2 में सौंपा गया है. वह पूर्व के जांच अधिकारी एएसपी अजय शुक्ला की जगह लेंगे. नई टीम ने जेल में बंद राहुल वर्मा और लखन वर्मा से पूछताछ की अनुमति मांगने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था. अदालत ने उन्हें 29 जनवरी से 31 जनवरी तक दोनों से पूछताछ करने की अनुमति दी.

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