कॉर्बेवैक्स को मिली बूस्टर डोज के रूप में प्रयोग करने की मंजूरी

नई दिल्ली: बायोलॉजिकल ई की कोरोना वैक्सीन कॉर्बेवैक्स को 18 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए कोविड-19 की बूस्टर डोज के लिए मंजूरी दे दी गई है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने अप्रैल के अंत में 5 से 12 साल के बच्चों के लिए कॉर्बेवैक्स को इमरजेंसी यूज के लिए मंजूरी दी थी. उस वक्त तक ये वैक्सीन 12-14 आयु वर्ग के लोगों को दी जा रही थी. बायोलॉजिकल ई ने मई में निजी टीकाकरण केंद्रों के लिए कॉर्बेवैक्स की कीमत ₹ 840 प्रति खुराक से घटाकर ₹ 250 कर दी थी. डीजीसीआई से हरी झंडी मिलने के बाद कोविशील्ड या कोवैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके 18 साल और इससे अधिक उम्र के लोग अब आपातकालीन स्थिति में कॉर्बेवैक्स को कोरोना की बूस्टर डोज के रूप में ले सकेंगे. हैदराबाद बेस्ड कंपनी बायोलॉजिकल ई. लिमिटेड ने बताया कि उसकी कोरोना वैक्सीन कॉर्बेवैक्स को कोरोना की बूस्टर डोज के तौर पर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से मंजूरी मिल गई है. बशर्ते इसका इस्तेमाल मरीज सिर्फ आपात स्थिति में कर सकेंगे.

बायोलॉजिकल ई. लिमिटेड की प्रबंध निदेशक महिमा दतला ने कहा कि हम DCGI के इस फैसले से बहुत खुश हैं. इससे भारत में COVID-19 की बूस्टर डोज की कमी पूरी होगी. इसके साथ ही हमने अपने COVID-19 वैक्सीनेशन में एक और मील का पत्थर पार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक BE ने भारत सरकार को कॉर्बेवैक्स की 100 मिलियन बूस्टर डोज मुहैया कराई हैं.

शुरुवात के दोनो वैक्सीन ले चुके लोग कॉर्बेवैक्स वैक्सीन लगावाने के लिए Co-WIN ऐप या Co-WIN पोर्टल के माध्यम से स्लॉट बुक किया जा सकता है. मौजूदा समय में देश भर के बच्चों को कॉर्बेवैक्स की 51.7 मिलियन डोज दी जा चुकी हैं.

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