कार्यकर्ता कहेंगे तो बदल भी सकते हैं कांग्रेस कोटे के मंत्रीः राहुल गांधी

नागपुर की विचारधारा छोटानागपुर में थोपना चाहती है भाजपा- राहुल गांधी
नागपुर की विचारधारा छोटानागपुर में थोपना चाहती है भाजपा- राहुल गांधी

गिरिडीह । गिरीडीह में पिछले 20 फरवरी 2022 से आयोजित तीन दिवसीय चिन्तन शिविर का आज तीसरे और अंतिम दिन राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव सह संगठन प्रभारी के.सी. वेणुगोपाल ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया । इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि झारखंड में हमारी पार्टी सरकार में शामिल है। चुनाव पूर्व किए गए घोषणापत्र के वायदे पूरा करना हमारी जवाबदेही है। झारखंड में कार्यकर्ताओं के बदौलत ही पार्टी सत्ता में आई है, उनके मान- सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं की जा सकता। झारखंड में शामिल कांग्रेस कोटे के मंत्रियों को कार्यकर्त्ताओं के कहने पर ही बनाया गया है और अगर वे नहीं चाहेंगे तो उन्हें बदला भी जा सकता है।

आरएसएस की विचारधारा झारखंड में नहीं चलेगी

राहुल गांधी ने कहा कि झारखंड एक महत्वपूर्ण राज्य है ।  झारखंड राज्य की अपनी खास विशेषता है जिसकी हमें रक्षा करनी है। झारखंड की जो आत्मा है, जो इसका डीएनए है, उसकी भी हमें रक्षा करनी है। भाजपा और आरएसएस द्वारा एक खास विचारधारा, जो नागपुर से संचालित होती है को इस राज्य पर जबरन थोपना चाहती है। कांग्रेस पार्टी चाहती है कि झारखंड में झारखंडवासियों की ही आवाज हो। साथ ही, झारखंड की इस आवाज को राष्ट्रीय फलक के साथ जोड़ा जाए। झारखंड कांग्रेस इस अभियान में अपना सहयोग दे रही है।

झारखंड के हर गांव में कांग्रेस को मजबूत करना है

राहुल गांधी ने आगे कहा झारखंड की विचारधारा और कांग्रेस की विचारधारा समान है। हमारी जवाबदेही है कि झारखंड को एक मॉडल के रूप में विकसित करें,जिसमें युवा महिला, आदिवासी, दलित, पिछड़ा, व्यापारी सहित अन्य सभी वर्ग के लोगों का विकास हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है और इस कार्य में जो भी वरिष्ठ नेता एवं युवा नेता अपना योगदान देते हैं उनको पार्टी में मान-सम्मान एवं जिम्मेदारी दिया जाएगा।

सरकार और संगठन के बीच तालमेल बनाना जरूरी- अविनाश पांडे
सरकार और संगठन के बीच तालमेल बनाना जरूरी- अविनाश पांडे

2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति बने – के सी वेणुगोपाल

के. सी. वेणुगोपाल ने वर्चुअल तरीके से चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए कहा की कांग्रेस पार्टी के लिए झारखंड उपजाऊ भूमि है।इतनी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद इस राज्य में हमारे पास बड़ी संख्या में अच्छे नेता, मंत्री एवं विधायक हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व को झारखंड से काफी उम्मीद है। इसीलिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी नेताओं तथा सभी मंत्रियों एवं विधायकों कि यह विशेष जिम्मेदारी है कि अपने सभी मतभेदों को भुलाकर प्रखंड एवं पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं को शक्ति दें। उन्होंने कहा इस चिंतन शिविर के माध्यम से आगामी लोकसभा चुनाव के लिए ठोस संगठनात्मक रणनीति का निर्माण किया जाना चाहिए।

कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान से समझौता नहीं- अविनाश पांडे

झारखंड प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि सरकार के साथ बेहतर समन्वय के लिए सहयोगी दलों के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम एवं समन्वय समिति के गठन का प्रस्ताव सरकार के समक्ष पेश किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी ने चुनाव से पूर्व राज्य की जनता से जो वायदे किए थे उन्हें पूरा करने की जवाबदेही हमारी है। कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान की रक्षा भी हमें करनी है। साथ ही, राज्य में बेरोजगारी, पिछड़ों को 27% आरक्षण, भूमि अधिग्रहण कानून 2013 एवं वन अधिकार कानून का सख्ती से अनुपालन करवाना सहित अन्य कई गंभीर मुद्दों का समाधान करना है। उन्होंने जल्द से जल्द लम्बित पंचायत चुनाव को भी करवाने का भी निर्देश दिया।

जनता की आकांक्षाओं पर खरा उतरना चुनौतीः राजेश ठाकुर

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि झारखंड में कांग्रेस पार्टी के संगठन की मजबूती उनकी पहली प्राथमिकता है। इस हेतु जो कुछ किया जाना आवश्यक है,वो सभी कार्य किये जायेंगे।यह चिंतन शिविर इसी प्रयोजन से आयोजित किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि अभी कांग्रेस पार्टी राज्य में सरकार में शामिल है, इसीलिए हम पर संगठन की मजबूती के साथ-साथ राज्य की जनता की अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं पर खरे उतरने की भी गंभीर चुनौती है। इसीलिए राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर हमारे चुनावी घोषणा-पत्र के विषयों को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार से बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जायेगा।

 

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