केंद्र को लाना चाहिए था एंटी मॉब लिंचिंग बिल, लेकिन उनका काम तो वैमनस्यता फैलाना- हेमंत सोरेन

ANI को दिए इंटरव्यू में हेमंत सोरेन ने केंद्र पर साधा निशाना
ANI को दिए इंटरव्यू में हेमंत सोरेन ने केंद्र पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि देश की सरकार को संसद में एंटी मॉब लिंचिंग बिल लाना चाहिए था । ये उनकी प्राथमिकता में होना चाहिए था । लेकिन उनका काम तो लोगों में वैमनस्यता फैैैलाना है । मुख्यमंत्री ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान ये बातें कही।

एएनआई से बातचीत के दौरान झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि भारत सरकार को यह बिल लाना चाहिए था, यह उनकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए थी लेकिन उनकी प्राथमिकता देश में वैमनस्य पैदा करना और लोगों के बीच भेदभाव करना है… इसलिए एंटी मॉब लिंचिंग बिल जरूरी है।

झारखंड विधानसभा ने बीते मंगलवार को मॉब लिंचिंग के खिलाफ पेश किए गए एक विधेयक को पारित कर दिया। हालांकि, राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने इसे जल्दबाजी में लाया गया विधेयक और एक खास वर्ग को खुश करने के लिए सदन का बहिष्कार किया।

बता दें कि बिल में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी षडयंत्र या षडयंत्र में शामिल है या लिंचिंग के कार्य में सहायता या सहायता करता है या करने का प्रयास करता है, तो उसके लिए आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी। मॉब लिंचिंग में अगर किसी को गंभीर चोट लगती है तो भी दोषियों को 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा होगी। साथ ही 3 से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा।

पारित बिल को झारखंड प्रिवेंशन ऑफ मॉब वायलेंस एंड मॉब लिंचिंग बिल 2021 का नाम दिया गया है।

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