बीजेपी का आरोप, बिना तनख्वा काम कर रहें है राज्य के डीजीपी

रांची: झारखंड में बीजेपी आए दिन कोई न कोई मुद्दा लेकर राज्य सरकार पर हमलावर है. बिजली संकट और सीएम से संबंधित खनन पट्टे मामले को लेकर सरकार को घेरने के बाद अब ईधर बीजेपी ने राज्य के मौजूदा डीजीपी के वेतन को लेकर सवाल खड़ा किया है. राज्य के प्रथम सीएम बाबूलाल मरांडी ने एक ट्विटर के माध्यम से डीजीपी पर बिना वेतन काम करने पर सवाल उठाया है. उन्होंने अपने ट्विटर में लिखा है “सुना है कि राज्य पुलिस के डीजीपी बिना वेतन के काम कर रहे हैं. महालेखाकार ने उन्हें 31 जनवरी यानी वास्तविक सेवानिवृत्ति के बाद डीजीपी को वेतन पर्ची निर्गत ही नहीं किया है. जिस राज्य का डीजीपी बिना वेतन के काम करेगा, वहां कोयला, बालू पत्थर, जमीन की चोरी नहीं तो और क्या होगी?” बाबूलाल मरांडी ने इस ट्वीट से राज्य के वर्तमान पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा पर सवाल उठा दिये हैं. राज्य सरकार ने मौजूदा डीजीपी को एक्टेशन दिया है.

डीजीपी नीरज सिन्हा को तनख्वा भुगतान नहीं किए जाने को लेकर बाबूलाल ने किया ट्वीट

सुप्रीम कोर्ट में झारखंड सरकार और डीजीपी नीरज सिन्हा के खिलाफ लंबित अवमानना याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए दाखिल याचिका पर बीते माह फरवरी में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस एनवी रमण, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हेमा कोहली की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि वह इस मामले को जल्द सूचीबद्ध करने पर विचार करेगा. प्रार्थी की याचिका में आरोप लगाया गया है कि नीरज सिन्हा 31 जनवरी को सेवानिवृत्ति होने के बाद भी काम कर रहे हैं. सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया कि इस अवमानना याचिका को पिछले साल सितंबर में सूचीबद्ध करने का आदेश दिया गया था. लेकिन, यह अब तक सुनवाई के लिए नहीं आयी है और इस बीच नीरज सिन्हा अपनी सेवानिवृत्ति के बाद भी झारखंड के डीजीपी के रूप में काम कर रहे हैं. इस संबंध में खंडपीठ ने कहा कि अदालतें कोविड के कारण प्रतिबंधित मामलों की ही सुनवाई कर रही हैं और जल्द सुनवाई के लिए याचिका पर विचार करेगी.

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