बरहीः सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर दो गांव के लोग हुए आमने-सामने

पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं की पहल पर हुआ मामला शांत
पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं की पहल पर हुआ मामला शांत
उज्ज्वल दुनिया संवाददाता
बरही। बरही थाना अंतर्गत करियातपुर व पंचमाधव सीमा अंतर्गत गंटाही पुल के पास एनएच का सिक्स लाइन के किनारे करीब 100 मीटर लंबा सरकारी भूमि पर धनवार गांव के कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण करने के दौरान धनवार व पास के दूधपनिया गांव के दर्जनों ग्रामीण आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते वहां काफी भीड़ जुट गई।
दूधपनिया गांव से पहुंचे ग्रामीणों का कहना था कि धनवार गांव यहां से दूर है फिर भी वहां के कुछ ग्रामीण उनके दूधपनिया गांव के एरिया में स्थित जीटी रोड़ के किनारे मिट्टी डाल कर एवं खुट्टा -बॉस गाढ कर वहां फुटपाथ दुकान लगाने के नाम पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर रहे हैं। जबकि यह एरिया उनके दूधपनिया गांव के अंतर्गत आता है। अगर यहां सड़क किनारे कोई दुकान खोलेगा तो पहली प्राथमिकता दूधपनिया गांव के ग्रामीणों का बनता है। दूधपनिया गांव के लोग भी बेरोजगार हैं, जो सड़क किनारे दुकान लगा कर जीवकोपार्जन करना चाहते हैं। साथ ही बगल के वनभूमि में लगा कुछ इकलिप्टस पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाने की बात किये।
दूसरी ओर धनवार गांव के पहुंचे ग्रामीणों का कहना था कि वे लोग बेरोजगार हैं। जीटी रोड के किनारे खाली पड़े भूमि पर फुटपाथ दुकान लगाना चाहते हैं। वे लोग किसी को किसी प्रकार का नुकसान नहीं कर रहे, सिर्फ जीवकोपार्जन के लिए छोटे छोटे फुटपात दुकान लगाना चाहते हैं। किंतु उन्हें बेवजह दूधपनिया गांव के कुछ लोगों द्वारा परेशान किया जा रहा है।
कथित कब्जा व अतिक्रमण हटाने के नाम पर दोनों पक्ष आमने-सामने टकराहट की स्थिति में आ गए। सुलह, शांति व समझौता को करियातपुर पंचायत के लिए मुखिया सुमन देवी प्रतिनिधि विनोद रविदास, झामुमो के प्रखंड सचिव मो. इम्तियाज, समाजसेवी रामकुमार दास, राहुल अंबेडकर, कांग्रेस नेता बीरेंद्र यादव आदि कई सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता वहां पहुंचे। किन्तु फिर भी दोनों पक्ष एकदूसरे का विरोध व कहासुनी करते रहे।
विवाद के आगे बढ़ने के पहले ही किसी ने बरही थाना को इसकी सूचना दी। बरही थाना के एसआई महावीर उरांव दल बल के साथ वहां पहुंच कर उपस्थित मुखिया प्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से किसी तरह से मामले को शांत करा दिया। वहीं दोनों पक्ष को सख्त हिदायत दिया कि कोई भी यहां सरकारी भूमि पर अतिक्रमण नहीं करेंगे अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उसके बाद वन विभाग की भी वहां एक टीम पहुंची, उन्होंने भी कहा कि उनके वन विभाग की भूमि पर कोई भी अतिक्रमण नहीं करें अन्यथा वन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।

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