CNT-SPT एक्ट का उल्लंघन कर जमीन खरीद-बिक्री की जांच करेगी विधानसभा की कमेटी- सीएम

सीएनटी-एसपीटी की धारा 49 के रहते आदिवासियों की जमीन कैसे खरीद रहे हैं गैर-आदिवासी- लॉबिन हेम्ब्रम
सीएनटी-एसपीटी की धारा 49 के रहते आदिवासियों की जमीन कैसे खरीद रहे हैं गैर-आदिवासी- लॉबिन हेम्ब्रम

झारखण्ड में बड़े पैमाने पर आदिवासियों की जमीन गैर-आदिवासियों के द्वारा खरीदी जा रही है। इसपर सवाल उठाते हुए झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के विधायक लॉबिन हेम्ब्रम ने सरकार से सवाल किया कि आखिर सीएनटी-एसपीटी की धारा-49 के रहते पूरे राज्यभर में ऐसा कैसे हो रहा है। जबकि धारा-49 में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि आदिवासियों की जमीन गैर-आदिवासियों को नहीं दी जा सकती। लॉबिन हेम्ब्रम ने कहा कि पूरे झारखण्ड में हजारों एकड़ आदिवासी जमीन की खरीब-बिक्री गैर-आदिवासियों के द्वारा हो रही है. उन्होने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बाहरी लोग आकर एकड़ में आदिवासी जमीन खरीद रहे हैं. और अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले समय में शहरों में आदिवासी ढूंढने से भी नहीं मिलेंगे।

स्टीफन मरांडी ने किया लॉबिन हेम्ब्रम का समर्थन

आदिवासी जमीन को गैर-आदिवासी द्वारा कानून में छेड़छाड़ कर खरीदना गंभीर विषय- स्टीफन मरांडी
आदिवासी जमीन को गैर-आदिवासी द्वारा कानून में छेड़छाड़ कर खरीदना गंभीर विषय- स्टीफन मरांडी

लॉबिन हैम्ब्रम की बात का समर्थन करते हुए झामुमो विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि लॉबिन हेम्ब्रम सही कह रहे हैं। रांची, जमशेदपुर, धनबाद सहित राज्य के सभी बड़े शहरों के आसपास सीएनटी-एसपीटी का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर आदिवासी जमीन की खरीद बिक्री हो रही है। स्टीफन मरांडी ने बताया कि इंदर सिंह नामधारी के रहते विधानसभा की एक टीम इसकी स्टडी करने के लिए बनाई गई थी। राज्य सरकार को तुरंत विधानसभा की एक टीम सिर्फ इस बात की जांच के लिए बनानी चाहिए कि कहां-कहां कितनी आदिवासी जमीन गैर-आदिवासियों द्वारा खरीदी गई।

प्रदीप यादव ने भी जांच की मांग की

जेवीएम विधायक प्रदीप यादव ने भी राज्य सरकार से मांगी की कि इस विषय को अत्यंत गंभीरता से सुना जाना चाहिए. प्रदीप यादव ने कहा कि आज पूरे झारखण्ड में सड़कों के किनारे आदिवासी जमीन बची ही नहीं है। और धीरे-धीरे आदिवासियों को वहां से धकेल कर रिमोट एरिया में जाने को मजबूर किया जा रहा है। ऐसे में सरकार को इस गंभीर विषय की जांच के लिए विधानसभा की कमेटी बनाने पर एतराज नहीं होना चाहिए।

सीएम ने जांच कमेटी बनाने का दिया आश्वासन

आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री की जांच के लिए बनेगी समिति- सीएम
आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री की जांच के लिए बनेगी समिति- सीएम

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी सदस्यों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि हमें भी पता है कि राज्य भर में बड़े पैमाने पर आदिवासी जमीन गैर-आदिवासी और बाहरी लोगों द्वारा खरीदी जा रही है। और इसकी जांच होनी ही चाहिए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा की है कि जल्द ही इसपर कमेटी बनाकर हर जिलें में आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री का आंकड़ा जुटाया जाएगा और अगर कहीं भी आदिवासी जमीन की गैर-आदिवासियों द्वारा खरीदी की गई है तो विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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