1932 के खतियान की बात करना भाई को भाई से लड़ाने की साजिश- कमलेश सिंह

भाषा विवाद और 1932 के खतियान की बात करना राज्य के विकास को ट्रैक से उतारने की साजिश
भाषा विवाद और 1932 के खतियान की बात करना राज्य के विकास को ट्रैक से उतारने की साजिश

पलामू।  हुसैनाबाद से एनसीपी के विधायक कमलेश सिंह ने शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के 1932 वाले बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ये सब बकवास है । जिन्हें कुछ काम नही करना है वे लोगों की भावनाए भड़काकर लड़ाना चाहते हैं। लेकिन जनता सब समझती है ।

कमलेश सिंह ने कहा कि लोगों ने बेरोजगारी दूर करने के लिए चुना था, आजतक वैकेसी तो निकाल नही सके, 1932 और 1984 में लगे हैं।

पलामू के हुसैनाबाद विधायक सह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह ने भाषा विवाद पर कहा कि हिंदी को राज्य स्तरीय सरकारी नौकरियों में मान्यता नहीं देना राज सरकार की हिंदी भाषा जनता के साथ-साथ राष्ट्रभाषा का भी अपमान है ।

उन्होंने कहा कि झारखंड के लगभग सभी जिलों में भोजपुरी मगही और अंगिका भाषा बोली जाती है । अन्य भाषा की तरह मातृभाषा हिंदी को भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षाओं में लागू होना चाहिए । इसमें भोजपुरी, मगही और अंगिका बोलने वाले लोगों को न्याय मिल सके । उनकी पार्टी किसी भाषा को हटाने के पक्ष में नहीं है ।

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