Friday 30th of January 2026 10:59:48 AM
HomeBreaking Newsगैर सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों के कर्मियों के लिए पेंशन...

गैर सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों के कर्मियों के लिए पेंशन को मंजूरी

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के गैर सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों के कर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है । अब इस प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए मंत्रीपरिषद की बैठक में रखा जाएगा ।  स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के इस प्रस्ताव में इन विद्यालयों में 1 दिसंबर 2004 को अथवा उसके बाद नियुक्त कर्मियों को अंशदायी पेंशन योजना के तहत आच्छादित किया जाना है ।

21 दिनों के प्रशिक्षण के उपरांत जिले के अस्पतालों में 3 महीने की ऑन जॉब ट्रेनिंग दी जाएगी
21 दिनों के प्रशिक्षण के उपरांत जिले के अस्पतालों में 3 महीने की ऑन जॉब ट्रेनिंग दी जाएगी

7 जिलों के हेल्थलाइन वर्कर्स को 21 दिनों के प्रशिक्षण के बाद ऑनजॉब ट्रेनिंग

राज्य के 7 जिलों- रांची, कोडरमा , हजारीबाग, चतरा पलामू दुमका और देवघर में कोविड-19 हेल्थ केयर फ्रंटलाइन वर्कर्स विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा । मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है ।ज्ञात हो कि केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सभी राज्यों को डिजास्टर मैनेजमेंट 2005 के सुसंगत धाराओं/ नियमों को शिथिल करते हुए स्वास्थ्य सेक्टर में 6 पाठ्यक्रमों के तहत आयोजित किए जाने वाले विशेष प्रशिक्षण के लिए संबंधित प्रशिक्षण केंद्र प्रारंभ करने को कहा गया है।

  यह है उदेश्य

 प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में केंद्रीय घटक के अंतर्गत स्वास्थ्य सेक्टर में कोविड-19 हेल्थ केयर फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है , क्योंकि कोविड-19 की दूसरी लहर के दरमियान प्रशिक्षित हेल्थ केयर कर्मियों के अभाव की वजह से हेल्थ केयर सिस्टम पर अप्रत्याशित दबाव महसूस किया गया  । ऐसे में तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर हेल्थ केयर सेक्टर को बेहतर बनाने की दिशा में फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है ।

 200 घंटे का होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

 यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम लगभग 200 घंटे और 21 दिनों का है । प्रशिक्षण के उपरांत 3 महीने की ऑन जॉब ट्रेनिंग जिला कौशल समिति की अनुशंसा में संबंधित जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में दी जाएगी ।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments