बंद पर्वतपुर खदान के अंदर फंसे हैं चार ग्रामीण, तीन दिन बाद भी शुरू नहीं हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

घटनास्थल पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम
घटनास्थल पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम, आज से प्रारंभ होगी ऑपरेशन रेस्क्यू

बोकारो । बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड के पर्वतपुर स्थित बंद ओपन कास्ट माइंस के अंदर फंसे ग्रामीणों को निकालने के लिए घटना के 3 दिन बाद भी ऑपरेशन रेस्क्यू शुरू नहीं हो पाया । खदान के अंदर 4 ग्रामीण फंसे हैं । रविवार को बोकारो के डीसी की पहल के बाद एनडीआरएफ की 25 सदस्य टीम एवं बीसीसीएल तथा सीसीएल की टीम पहुंची तथा घटनास्थल का अवलोकन किया। ग्रामीण कितनी गहराई में फंसे हैं, इस बात की जानकारी नहीं मिलने तथा अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू रविवार को प्रारंभ नहीं हो पाया ।

टीम के सदस्यों का कहना है कि पूरे मामले में बड़ी लापरवाही हुई है । ग्रामीण जहां तक फंसे हैं वहां तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्ता बनाने के क्रम में बड़ी दुर्घटना हो सकती है, जिसके कारण सेफ्टी एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही रणनीति तैयार कर सोमवार की सुबह से ऑपरेशन प्रारंभ की जाएगी एवं मशीनरी का सहयोग लिया जाएगा । फिलहाल बीसीसीएल एवं सीसीएल के संबंधित विभाग के विशेषज्ञों के साथ मिलकर रणनीति बनाई जा रही है । इंस्पेक्टर राठौर ने बताया कि ये हादसा बडा कॉम्पलेक्स है, घटना स्थल पर देखे तो की पूरी लोकेशन नही मिल पा रही हैं. । अभी फिहलाल कोई डिसीजन नही ले रहे हैं । यहां के सम्बंधित विभाग एवं प्रशासन सें बात कर डिसीजन लेगें ।

घटना स्थल पर बीसीसीएल प्रबंधन, एसडीपीओ पुरूषोत्तम कुमार सिंह बीडीओ अजय कुमार वर्मा, सीओ रामा रविदास, डीएसपी थाना प्रभारी सुकुमार टुडू,व बनगोडिया ओपी प्रभारी प्रींस कुमार, आमलाबाद ओपी प्रभारी सुबोध कुमार, भोजूडीह ओपी प्रभारी, अजय कुमार उपाध्याय मौजूद रहे ।

इधर तीलाटांड गांव के अवैध कोयला उत्खनन के दौरान दबे चार लोग लक्ष्मण रजवार, रावन रजवार,भरत सिंह, अनादी सिंह के परिवारो के सदस्यों का रो- रो कर बूरी हाल हैं । परिजनों ने बताया कि शुक्रवार सुबह पर्वतपुर कोल ब्लॉक के ओपेन कास्ट एरिया तिलाटाड़ साइड में अवैध कोयला उत्खनन करने गए थें । जहां कोयला उत्खनन के दौरान दब गया हैं । कोयला उत्खनन कर परिवार के रोजे रोटी का जुगाड़ करते थे । चारो व्यक्ति परिवार के रोजगार करने वाले हैं । परिजनों ने कहा कि अगर बीसीसीएल कंपनी द्वारा कोल ब्लॉक को चालू कर हम लोगो को रोजगार मिलता तो ये घटना नही घटती ।

पूर्व मंत्री अमर कुमार बाऊरी तथा जिला परिषद सदस्य विजय रजबार ने बोकारो डीसी से ऑपरेशन प्रारंभ करने की मांग करते हुए कहा कि पहले ही काफी देरी हो चुकी है और विलंब होने पर जान जा सकती है । हालांकि 3 दिन बाद भी वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे हैं तथा पूरे मामले पर पुलिस की लापरवाही उजागर हो गई है ।

पुलिस के संरक्षण में बड़े पैमाने पर इस क्षेत्रों में कोयला के साथ-साथ बालू एवं पत्थर का अवैध उत्खनन होता है । प्रशासन द्वारा रोज बंद करने की घोषणा की जाती है, लेकिन इसका असर धरातल पर नजर नहीं आता । पर्वतपुर कोल ब्लॉक का संचालन इलेक्ट्रो स्टील प्रबंधन करता था, लेकिन कॉल ब्लॉक घोटाले में आवंटन रद्द कर सेल के हवाले कर दिया गया।  लेकिन सेल ने यह कहते हुए प्रारंभ करने से इंकार कर दिया कि यह उनके लिए अनुपयोगी है । लगभग 5 वर्षों से 500 से अधिक मजदूर बेकार पड़े हुए हैं । कुछ लोग पलायन कर गए हैं तथा कुछ लोग अवैध उत्खनन कर अपना परिवार चला रहे हैं।  यदि कॉल ब्लॉक चालू रहता तो इस तरह की घटना को टाला जा सकता था । खदान में फंसे चार ग्रामीणों के जीवित होने की उम्मीद कम है क्योंकि शनिवार तक अंदर से आवाज आ रही थी, लेकिन रविवार को सिर्फ एक व्यक्ति की सुबह में आवाज आई, उसके बाद आवाज आना बंद हो गया ।

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