थाना उड़ाने के बाद नक्सलियों ने की थी खस्सी पार्टी

गुमला से पकड़े गये नक्सली अमन का बड़ा खुलासा
गुमला से पकड़े गये नक्सली अमन का बड़ा खुलासा

उज्ज्वल दुनिया संवाददाता
गुमला।  गुमला जिले के पुलिस की गिरफ्त में आया हार्डकोर नक्सली अमन नगेसिया ने पुलिस के समक्ष कई खुलासे किए हैं। 26 नवंबर 2021 को कुरूमगढ़ के नए थाना भवन को उड़ाने के बाद भाकपा माओवादियों ने खस्सी पार्टी की थी। वहां नाच-गान भी हुआ था।
वहीं एक सप्ताह पहले पालकोट थाना क्षेत्र के बिलिंगबिरा जंगल में भी एक दर्जन माओवादियों ने बैठक कर खस्सी पार्टी की थी।

अमन ने बताया कि भाकपा माओवादी के शीर्ष नेता 15 लाख के इनामी बुधेश्वर उरांव के मारे जाने के बाद भाकपा माओवादी हताश हो गए थे। इसलिए वे अपनी खोयी हुई प्रतिष्ठा प्राप्त करने के लिए इधर लगातार नक्सली घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। अमन ने पुलिस को बताया है कि 31 मई 2021 को कुरूमगढ़ थाना के मरवा जंगल में सुरक्षा बलों व नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। उस मुठभेड़ में एक संतरी नक्सली मारा गया था। उस समय उसकी पहचान पुलिस नहीं कर पायी थी। परंतु अमन ने पुलिस को बताया कि मरवा में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया नक्सली अंकित मुंडा था और उसका घर पश्चिम सिंहभूम है। उसे बुधेश्वर उरांव की सुरक्षा के लिए भेजा गया था, परंतु जब पुलिस ने बुधेश्वर उरांव की घेराबंदी की तो संतरी की डयूटी करते समय अंकित मुंडा सुरक्षा बलों की गोली का निशाना बन गया था।

मनोज नगेसिया जब भाकपा माओवादी में आया तो उसका नया नाम अमन नगेसिया रखा गया। मैट्रिक पास करने के बाद अमन कुछ अपराधियों के साथ घूमने लगा। दीपक, तिलकमैन जैसे अपराधी से सांठगांठ थी। क्षेत्र में छोटे-मोटे अपराध करता था, परंतु 2015 में उसका संपर्क भाकपा माओवादी के जोनल कमांडर अंतिम जी व आशीष दा से हुआ। उसके बाद वह भाकपा माओवादी में शामिल हो गया।
उसकी कद-काठी को देखकर उसे गुरिल्ला ग्रुप में शामिल किया गया और बूढ़ा पहाड़ में गोली चलाने की ट्रेनिंग दी गई। उसे सिमडेगा जोन का एरिया कमांडर बनाया गया। उसके बाद उसे बुधेश्वर उरांव के दस्ते में भेज दिया गया। उसके बाद अमन कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा।
पुलिस पर हमला करने में वह आगे रहता था। कुरूमगढ़ थाना भवन को उड़ाने के समय अमन की सक्रिय भूमिका थी। वह बम लगाने का भी तकनीक जानता है।

पुलिस का मानना है कि अमन की गिरफ्तारी बहुत बड़ी सफलता है। अमन ने संगठन के सदस्यों के नाम के अलावा मदद करने वाले सफेदपोशों का भी नाम बताया है।

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