चार्टर प्लेन से दिल्ली जाने वाले झामुमो विधायकों पर भी हो कार्रवाई- सीता सोरेन

मैं अब भी सरकार के कामकाज से नाराज- सीता सोरेन
मैं अब भी सरकार के कामकाज से नाराज- सीता सोरेन

रांची । जामा से झामुमो की विधायक सीता सोरेन ने राज्यपाल से मुलाकात की। मुलाकात के बाद पत्रकारों ने उनसे पूछा कि आपपर और लॉबिन हेम्ब्रम पर सरकार के खिलाफ साजिश रचने के आरोप लगे हैं। इसपर सीता सोरेन ने कहा कि मेरे खिलाफ लगाए गये सभी आरोप गलत और बेबुनियाद है। उन्होने कहा कि जो झामुमो विधायक चार्टर प्लेन से दिल्ली गये थे, उनसे भी सवाल पूछे जाने चाहिए। उन्होने कहा कि मेरे खिलाफ गहरी साजिश की जा रही है। इस साजिश को रचने वाले ही हेमंत सरकार को अस्थिर करने की भी साजिश रच रहे हैं।

क्या है पूरा मामला ?

झारखंड में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के आधा दर्जन विधायकों ने केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन और कार्यकारी अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर शिकायत की है कि पार्टी की विधायक सीता सोरेन सरकार को अस्थिर करने की साजिश में जुटी हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा का निष्कासित कोषाध्यक्ष रवि केजरीवाल और उसका करीबी अशोक अग्रवाल सरकार को अस्थिर करने की योजना का मास्टर माइंड है। केजरीवाल और अग्रवाल मिलकर बारी-बारी से जामा से झामुमो की विधायक सीता सोरेन के आवास पर पार्टी के विधायकों को फोन कर मिलने के लिए बुलाता है। केजरीवाल के साथ उसका करीबी अशोक अग्रवाल भी रहता है। दोनों झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों को पाला बदलकर भाजपा का साथ देने का दबाव बना रहे हैं।

शिकायत करने वाले दूध के धुले नहीं – सीता सोरेन
विधायक सीता सोरेन का कहना है कि पार्टी के जिन विधायकों ने उनकी शिकायत की है, वे दूध के धुले नहीं हैं। अपनी गलती छिपाने के लिए इन्होंने पार्टी को लिखकर दिया है ताकि सीएम की नजर में अच्छा बने रहें। हम सही बात कर रहे हैं, सरकार को आइना दिखा रहे हैं। मेरी बातों को दबाने की साजिश चल रही है। रवि केजरीवाल और अशोक अग्रवाल का मेरे आवास से फोन करने की बात गलत है।

लॉबिन हेम्ब्रम का भी आ रहा है नाम

विधायकों की ताजा शिकायतों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा का शीर्ष नेतृत्व सतर्क हो गया है। मोर्चा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक लिखित शिकायत के अलावा लगभग आधा दर्जन विधायकों ने इस साजिश की जानकारी मौखिक तौर पर शीर्ष नेतृत्व को दी है। यह भी बताया है कि इस मुहिम में लोबिन हेम्ब्रम का भी साथ मिल रहा है। सीता सोरेन जामा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं, जबकि लोबिन हेम्ब्रम बोरियो के विधायक हैं। दोनों विभिन्न मौके पर खुलकर सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलते हैं।

पहले भी आ चुका है रवि केजरीवाल और अशोक अग्रवाल का नाम

झारखंड मुक्ति मोर्चा से निष्कासित रवि केजरीवाल और उसके करीबी अशोक अग्रवाल का नाम पूर्व में भी सरकार को अस्थिर करने की साजिश में आ चुका है। दोनों के खिलाफ विधायक रामदास सोरेन ने रांची के जगन्नाथपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। सोरेन ने शिकायत की थी कि केजरीवाल और अग्रवाल मिलकर सरकार गिराने की साजिश रच रहे थे। उन्होंने इसके लिए प्रलोभन दिया गया। दोनों ने नई सरकार बनने पर मंत्री पद के साथ-साथ पैसे का लालच दिया। इसकी जांच चल रही है। कोर्ट से इस मामले में केजरीवाल को जमानत मिल चुका है। केजरीवाल को संगठन विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण झामुमो से निकाला गया था।

कांग्रेस विधायक जयमंगल सिंह ने सबसे पहले की थी शिकायत
बीते वर्ष 22 जुलाई को रांची के कोतवाली थाना में बेरमो से कांग्रेस के विधायक जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह ने सरकार गिराने की साजिश को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस आरोप में पुलिस ने राजधानी के अल्बर्ट एक्का चौक के समीप एक होटल में छापेमारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। कुछ लोग भागने में सफल भी हुए थे। इस मामले में मुंबई के मोहित भारतीय और महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का नाम सामने आया था। बावनकुले ने इससे इन्कार किया था। जांच के लिए रांची पुलिस मुंबई भी गई थी।

कांग्रेस पर भी नजर, बरत रहे सतर्कता
झामुमो के विधायकों की दल से शिकायत से इतर सरकार के रणनीतिकार सहयोगी कांग्रेस के विधायकों पर भी नजर रख रहे हैं। सरकार में कांग्रेस कोटे से शामिल मंत्री बन्ना गुप्ता कई मौके पर खुलकर आपत्ति जता चुके हैं। उन्होंने यहां तक कहा है कि मंत्री का पद उनके लिए कोई मायने नहीं रखता। कोलेबिरा के विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी भी पूर्व में यह शिकायत कर चुके हैं कि उन्हें तोड़ने के लिए 50 करोड़ का प्रलोभन दिया गया था। बहरहाल सरकार को लेकर नए सिरे से मची उथल-पुथल में कांग्रेस नेतृत्व भी सजग है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय राज्य के दौरे पर भी आ रहे हैं।

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