डीवीसी केटीपीएस में हादसा, एक मजदूर की मौत

डीवीसी केटीपीएस में सोमवार की शाम हुए हादसे में एक मजदूर की मौत के बाद मंगलवार की सुबह से प्लांट के गेट को जाम कर दिया गया है । मृतक की पहचान कलेंद्र सिंह (50 वर्ष पतरातू थाना क्षेत्र के ग्राम बरतुवा निवासी) के रूप में की गई है ।

घटना के विरोध में मजदूरों ने यूनियन नेता विजय पासवान के नेतृत्व प्लांट के गेट नंबर एक को मंगलवार की सुबह से जाम कर दिया है । मजदूरों की मांग है कि मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए । मजदूर की मौत में सुरक्षा नियमों की अनदेखी की बात सामने आयी है ।

जानकारी अनुसार मृतक मजदूर कलेंद्र सिंह डीवीसी केटीपीएस के एसआर टर्बो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में फिटर के रूप में काम करता था । सोमवार की शाम करीब 7 बजे कार्य करने के दौरान वह 20 फीट की ऊंचाई से गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया । घटना के बाद आसपास के मजदूरों एवं कंपनी के लोगों ने उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा, जहां गंभीर स्थिति देखते हुए चिकित्सकों ने उसे रांची रिम्स रेफर कर दिया । रांची ले जाने के क्रम में रास्ते में मौत हो गई ।

घटना के बाद गेट जाम कर प्रदर्शन करते मजदूर
घटना के बाद गेट जाम कर प्रदर्शन करते मजदूर

मजदूर की मौत होने के बाद आनन-फानन में कंपनी के लोगों ने उसके शव को पैतृक आवास पतरातू थाना क्षेत्र के ग्राम बरतुवा भिजवा दिया । घटना की सूचना मिलने के बाद मजदूर नेताओं ने उचित मुआवजे की मांग करने को लेकर प्लाट के गेट नंबर एक के समीप पूरी तरह जाम कर दिया । यूनियन नेता विजय पासवान ने बताया कि डीवीसी व कंपनी की मिलीभगत से मजदूरों का शोषण किया जा रहा है । मजदूर की मौत होने के बाद लोगों को सूचना नहीं दी गई और कंपनी व डीवीसी के लोगो ने शव को आनन-फानन में बिना मुआवजा दिए पैतृक आवास भेज दिया ।

मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक गेट पूरी तरह जाम रहेगा । एक्टू जिला संयोजक सह मजदूर नेता विजय पासवान ने बताया कि प्लांट में मजदूरों को कार्य के दौरान किसी तरह का सुरक्षा नहीं दिया जाता है । घटना के बाद भी इलाज को लेकर काफी लापरवाही बरती गई । कंपनी का कोई वरीय अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद नही था । वहीं समय पर एम्बुलेंस भी उपलब्ध नहीं कराया गया ।

प्लांट में सुरक्षा को लेकर हमेशा सवाल खड़े होते हैं, गत दिनों प्लांट में लिफ्ट गिरने की घटना में एक कंपनी के एमडी सहित चार लोगों की मौत हो गई थी ।

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