गॉवा प्रखंड के सेरूआ में शमसान की भूमि पर मनरेगा से खोद दिया गड्ढा

ग्रामीणों ने मुखिया, पंचायत, रोजगार सेवक और बिचौलियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की
डीसी को आवेदन देकर समसान घाट की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने का किया मांग
गावां / गिरिडीह
गिरिडीह जिले के गावां प्रखंड के सेरुआ पंचायत अंतर्गत सिमरापताल गांव में मनरेगा ठेकेदार के द्वारा शमशान घाट में टीसीबी निर्माण कार्य करवाने से ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि सेरुआ पंचायत में मुखिया प्रतिनिधि और ठेकेदारों के मिलीभगत से मनरेगा एवं अन्य कार्यों में काफी अनियमितता बरती गई है। इनलोगो की मनमानी इस कदर बढ़ गया है कि अब शमशान घाट में भी टीसीबी का निर्माण कार्य करवाना प्रारंभ कर दिया है।
सेरूआ पंचायत में मनरेगा योजना समेत सरकारी राशि की लूट के साथ साथ बिचौलियों ने सरकारी जमीन को अतिक्रमण करने का भी एक नया साधन बन गया है। यहां मनरेगा के बिचौलियों ने पंचायत सेवक, मुखिया, रोजगार सेवक की मिलीभगत से मनरेगा के तहत टीसीबी योजना को समसान की भूमि पर बना कर उसे अतिक्रमण करने का प्रयास किया गया है।
मामला सेरूआ मुसहरी टोला से दर्जनों की संख्या में महिला व पुरूष मौके पर पहूंचे और जमकर विरोध किया। विरोध कर रहे सेरूआ मुसहरी टोला के ग्रामीणों का कहना है कि सिमरापताल के इस गैरमजुरवा जमीन का उपयोग समसान घाट के रूप में सदियों से हो रहा है। छोटे बच्चे और नाबालिक की मौत पर उसकी लाश को हिन्दु समुदाय के लोग इसी जमीन पर दफन करते हैं।
लेकिन कुछ लोगों द्वारा इस जमीन पर मनरेगा से कभी डोभा, तो कभी टीसीबी बनाकर इसका अतिक्रमण करने का प्रयास किया है।
पूर्व में जब यहां मनरेगा से दो डोभा का निर्माण हुआ था, तो ग्रामीणों ने मुखिया से मिलकर विरोध दर्ज करवाया था। उस वक्त मुखिया ने ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए कहा कि उक्त समसान भूमि पर अब कभी भी मनरेगा योजना से कोई काम नहीं होगा। साथ मनरेगा से खुद चुके डोभा को भी भरवाकर जमीन को समतल कर दिया जाएगा। परंतु इस बार पुन: यहां टीसीबी बनाकर समसान भूमि का अतिक्रमण किया गया है। इधर मुखिया प्रतिनिधि भीम रविदास ने कहा कि अगर किसी से गलती हुई है तो जल्द ही निराकरण किया जाएगा।
सुत्रो के अनुसार गॉवा प्रखंड में मनरेगा के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं में अनियमितताएं बरती जा रही है। प्रखंड से लेकर जिला के अधिकारी भी निष्क्रिय देखे जा रहे हैं। राशी का मिलकर बदरबॉट किया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि लूट की छूट की गंगा बहती रहेगी या वरीय अधिकारी गंभीरतापूर्वक लेकर दोषियो के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
समसान भूमि के अतिक्रमण का विरोध करने वालों में कमला देवी, चंद्रिका देवी, उमेश रविदास, शक्ति रविदास, कारू रविदास, रघु रविदास, गिरजा देवी, शांति देवी, भगिया देवी, मुनिया देवी समेत दर्जनों ग्रामीणों का नाम शामिल है।

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