श्रीलंका कैबिनेट में 17 नए मंत्री शामिल, राष्ट्रपति के भाई और भतीजे को नहीं मिली जगह

कोलंबो: आर्थिक संकट के मद्देनजर श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने सोमवार को 17 कैबिनेट मंत्रियों को नियुक्त किया. यह फैसला कई कैबिनेट मंत्रियों की बर्खास्तगी के कुछ दिनों बाद आया है. राष्ट्रपति गोटबाया ने एक संयुक्त सरकार बनाने की कोशिश की थी. इस संबंध में विपक्षी सदस्यों से मुलाकात भी की गई लेकिन वार्ता विफल रही.

विपक्ष की ओर से ना की सिर्फ राजपक्षे को समर्थन देने से मना किया गया बल्कि उनकी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया. श्रीलंका की संसद अब 19 अप्रैल को नए कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक होने जा रही है, जबकि विपक्ष राष्ट्रपति पर इस्तीफे के लिए दबाव बढ़ा सकता है.

जिन मंत्रियों ने पहले इस्तीफा दिया था, उनमें से कुछ को अब फिर से नियुक्त किया गया है. हालांकि राष्ट्रपति गोटबाया के दो भाइयों और उनके भतीजे को नए मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है.

नए मंत्रिमंडल के सदस्यों में शामिल हैं:
1. दिनेश गुणवर्धने – लोक प्रशासन, आंतरिक मामले, प्रांतीय परिषदें और स्थानीय सरकार।
2. डगलस देवानंद – मत्स्य पालन
3. डॉ. रमेश पथिराना – शिक्षा और वृक्षारोपण उद्योग
4. प्रसन्ना रणतुंगा – सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यटन
5. दिलम अमुनुगामा – परिवहन और उद्योग
6. कनक हेराथ – राजमार्ग
7. विदुर विक्रमनायके – श्रम
8. जनक वक्कुम्बुरा – कृषि और सिंचाई
9. शेहान सेमासिंघे – व्यापार और समृद्धि विकास
10. मोहन प्रियदर्शन डी सिल्वा – जल आपूर्ति
11. विमलवीरा डिसनायके – वन्यजीव और वन संसाधन संरक्षण
12. कंचना विजेसेकेरा – शक्ति और ऊर्जा
13. थेनुका विदनागमगे – खेल और युवा मामले
14. डॉ नालका गोदाहेवा – मीडिया
15. प्रोफेसर चन्ना जयसुमना – स्वास्थ्य
16. नसीर अहमद – पर्यावरण
17. प्रमिता बंडारा तेनाकून – बंदरगाह और नौवहन

वर्तमान आर्थिक संकट कम विदेशी भंडार से उपजा है जिसने ईंधन सहित आवश्यक वस्तुओं के आयात की श्रीलंका की क्षमता को निष्प्रभावी कर दिया है। मौजूदा संकट के बीच कोलंबो स्टॉक एक्सचेंज ने भी बाजार में गिरावट की आशंका के बीच सोमवार से शुरू होकर पांच दिनों के लिए कारोबार बंद कर दिया है।

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