पावर क्राइसिस: मालगाड़ी के धाराप्रवाह संचालन में तेजी लाने के लिए 16 यात्री रेलगाड़ी का परिचालन रुका

नई दिल्ली: देश में बढ़ी बिजली की समस्या से निजात दिलाने के लिए रेलवे अपनी पूरी भूमिका निभा रहा है. विभिन्न थर्मल पावर प्लांट में कोयले की कमी को पूरा करने के लिए रेलवे की ओर से मालगाड़ियों के संचालन में तेजी लाई गई है. मालगाड़ियों के बिना रुके परिचालन के लिए रेलवे ने रोजाना 16 मेल/एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया है. इसके साथ ही मालगाड़ी के रेक में बोगी की संख्या में बढ़ा दी गई है.

कोयले की ढुलाई के लिए रोजाना 415 मालगाड़ियां मुहैया कराने का वादा किया है ताकि कोयले की मांग को पूरा किया जा सके. इनमें से हर मालगाड़ी करीब 3,500 टन कोयला ढोने में सक्षम है. पावर प्लांट्स में कोयले का भंडार बढ़ाने के लिए कम से कम और दो महीने तक यह व्यवस्था जारी रहेगी. इससे पावर प्लांट्स के पास पर्याप्त कोयला भंडार रहेगा और जुलाई-अगस्त में संकट को टाला जा सकेगा. जुलाई-अगस्त में बारिश के कारण कोयले के खनन सबसे कम होता है.

देश में 70 फीसदी बिजली बनाने में कोयले का इस्तेमाल होता है. रेलवे ने भी कोयले की ढुलाई बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं. लंबी दूरी की ट्रेनें चलाई जा रही हैं. सीनियर अधिकारी कोयला चढ़ाने और उतारने की प्रक्रिया पर करीबी नजर रख रहे हैं. वरिष्ठ अधिकारियों से कहा गया है कि अगर कोल रूट्स पर समस्या आती है तो इसे प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाना चाहिए.

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