मुंद्रा राइस मिल में कर्मी की मौत, प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप

कल ही मिल जाता मुआवजा तो नहीं होती घटना

प्राथमिकी में 28 नामजद और 500 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज।

गिरिडीह अमित सहाय

झारखंड राज्य के गिरिडीह जिले के औद्योगिक क्षेत्र के विशाश्वदीह स्थित मुंद्रा राइस मिल में गैस से दम घुटने से सद्दाम आलम की मौत मामले में रविवार देर रात मृतक के गांव वालों द्वारा प्रशासन पर पथराव किया गया। घटना के दुसरेदिन सोमवार को कार्यपालक दंडाधिकारी धीरेन्द्र कुमार के आवेदन पर मुफस्सिल थाना पुलिस ने गैर जमानती धाराओं के तहत सरकारी काम में बाधा डालने समेत कई मामलो में प्राथमिकी दर्ज की गयी। गिरफ्तार आरोपियों में मो. शाहाबाज, मो. गुलाबोद्दीन, सिकंदर अंसारी, मेराज अंसारी, साजिद दर्फ शेरु, मोबिन अख्तर, मुन्ना अंसारी, सरफूद्दीन अंसारी, सन्नी अंसारी, सिराज उर्फ ननकू, सरफराज उर्फ छोटू ड्राइवर, शमीम अंसारी और अरमान अंसारी शामिल है।

विदित हो कि दूसरे दिन सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के अपील पर मुंद्रा राईस मिल के मालिक आदित्य अग्रवाल ने मृतक के परिजनों को 11 लाख 25 हजार का मुआवजा दिया है। इस दौरान सर्किट हाउस में सदर विधायक सुदीप कुमार सोनू और सदर एसडीपीओ अनिल सिंह, नगर थाना प्रभारी रामनारायण चौधरी मौजूद रहे।

पुलिस सुत्रो के अनुसार रविवार की देर रात सड़क जाम के दौरान सिमरियाधौड़ा के युवकों द्वारा टायर जलाकर सड़क जाम किया गया था. जाम हटाने की अपील के बाद युवकों द्वारा पथराव किया गया था. मामले में पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया है।

 

मुद्रा राईस मामले में भाकपा माले ने निर्दोष लोगों पर पुलिसिया कार्रवाई का किया विरोध।

भाकपा माले ने कल मुद्रा राइस मिल के मृतक मजदूर सद्दाम के परिजनों को मुआवजा दिलाने को लेकर हुए आंदोलन और उसके बाद बरवाडीह में हुई घटना का पूरा जिम्मेदार फैक्ट्री प्रबंधन को ठहराते हुए उनके ऊपर मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही कहा कि, इस मामले में निर्दोष लोगों पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। यदि निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया तो उनकी पार्टी चुप नहीं बैठेगी, जिले भर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

माले नेताओं ने कहा कि, आज जिन लोगों ने मुआवजा दिलाने में तत्परता दिखाई, यदि यह कल ही हो जाता तो कोई घटना ही नहीं घटती। सद्दाम के परिजन तथा अन्य लोग फैक्ट्री गेट पर दिन भर इंतजार में बैठे रहे। लेकिन न तो प्रबंधन ने फैक्ट्री का गेट खोला और ना ही प्रशासन ही गेट खुलवा सका। जबकि कुछ लोग सदर विधायक के पास मदद की फरियाद लेकर भी पहुंच गए। वहां भी लोगों को निराशा हाथ लगने पर कुछ असामाजिक तत्वों ने, बरवाडीह में इसी सवाल पर कुछ लोगों द्वारा सड़क जाम कर दिए जाने के दौरान, घटना को अंजाम दिया गया, जो कहीं से भी उचित नहीं है। हालांकि भाकपा माले का यह स्पष्ट मानना है कि, मुआवजे को लेकर यदि कल ही पहल ली गई होती तो बरवाडीह की घटना होती ही नहीं। मालूम हो, इसी फैक्ट्री में करीब 1 माह पूर्व हुई एक घटना में मृतक मजदूर के परिजनों को 20 लाख 70 हजार रुपए मुआवजा मिला था। मुआवजा कम देने की बात कही गई।

तेलोडीह घटना की हो रही है पुनरावृति, माले करेगी विरोध।

माले नेताओ की ओर से कहा गया कि, कल की घटना के बाद जारी पुलिसिया कार्रवाई में, एक समय भाजपा के शासन में की गई तेलोडीह घटना की याद ताजा हो गई है, जब निर्दोष लोगों सहित पूरे गांव को निशाना बनाकर पुलिस की ज्यादती की गई थी। कल की घटना के बाद भी पुलिस की कार्रवाई से आम लोगों में दहशत व्याप्त है। इसलिए निर्दोष लोगों पर किसी भी कार्रवाई पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। और यदि ऐसा नहीं हुआ तो भाकपा माले चुप नहीं बैठेगी, जिले भर में इसका जोरदार प्रतिवाद किया जाएगा।
बैठक में अन्य लोगों के अलावा मो. ताज हसन, मो. सलमान, मो. शुभान, मो. सलाउद्दीन, मो. मिंटू मल्लिक,मो. आलम, मो. फिरोज, मुन्ना, रिंकू, पिंटू आदि मौजूद थे।

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