हेमंत सोरेन, सोनिया गांधी सहित विपक्ष के 13 बड़े नेताओं ने देश के नाम जारी की अपील

देश के नाम विपक्ष के बड़े नेताओं की चिट्ठी
देश के नाम विपक्ष के बड़े नेताओं की चिट्ठी

नई दिल्ली। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्षा सोनिया गांधी, शरद पवार और ममता जनर्जी सहित विपक्षी दलों के 13 बड़े नेताओं ने देशवासियों से सामाजिक और धार्मिक सॉहार्द बनाए रखने की अपील की है। देशवासियों के नाम जारी इस अपील में कहा गया है कि आज देश में धार्मिक ध्रूवीकरण की कोशिश हो रही है। अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले बढ़े हैं। देश के अलग-अलग ईलाकों से हिंसा और झड़प की खबरें आ रही हैं। लोगों के खान-पान, उनके कपड़ों के आधार पर नफरत भरे बयानों की बाढ़ सी आ गई है। और ये सब सत्तापक्ष के एक तबके के प्रत्यक्ष समर्थन के साथ हो रहा है।

सोशल मीडिया का इस्तेमाल धार्मिक नफरत फैलाने के लिए

इस अपील में लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए कहा गया है । साथ ही साथ सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग की गई है ।  इस संयुक्त अपील में लिखा गया है कि सत्ताधारी प्रतिष्ठानों के एक वर्ग की तरफ़ से जिस तरह से जानबूझकर खाने, कपड़े, आस्था, त्योहार और भाषा से जुड़े मुद्दों का इस्तेमाल ध्रुवीकरण के लिए किया जा रहा है, उससे हम बेहद दुखी हैं । हम देशभर में हेट स्पीच की बढ़ती घटनाओं से चिंतिंत हैं । ये ऐसे लोगों की तरफ़ से किए जा रहे हैं जिन्हें आधिकारिक तौर पर संरक्षण हासिल है और उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है । हम देश के कई राज्यों में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं ।

प्रधानमंत्री की खामोशी से हैरान

अपील में लिखा गया है कि विपक्ष के नेता चिंतिंत हैं क्योंकि जिन इलाक़ों में ये घटनाएं हुईं हैं, उनका एक पैटर्न है । आक्रामक सशस्त्र धार्मिक जुलूसों से पहले भड़काऊ भड़काऊ भाषण दिए गए । सोशल मीडिया और ऑडियो-विजुअल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नफ़रत और पूर्वाग्रह फैलाने के लिए किया गया । विपक्षी नेताओं की तरफ़ से जारी किए गए इस बयान में कहा गया है कि वो ऐसी घटनाओं पर प्रधानमंत्री की चुप्पी को देखकर हैरान हैं । इसमें लिखा है कि प्रधानमंत्री ऐसे लोगों के ख़िलाफ कुछ भी बोलने या कुछ करने में नाकाम रहे हैं जो कट्टरता फ़ैलाते हैं और जो लोग अपने शब्दों और काम से समाज को उकसाते और भड़काते हैं ।

चिट्ठी में किन-किन नेताओं के दस्तखत ?

  1. सोनिया गांधी,अध्यक्ष, कांग्रेस
  2. शरद पवार, अध्यक्ष, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
  3. ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
  4. हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड
  5. तेजस्वी यादव, विपक्ष के नेता – बिहार विधानसभा
  6. एमके स्टालिन, मुख्यमंत्री, तमिलनाडु
  7. सीताराम येचुरी, जनरल सचिव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)
  8. डॉ फारूक अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री, जम्मू-कश्मीर
  9. डी. राजा, महासचिव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
  10. देवव्रत विश्वास, महासचिव, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक
  11. मनोज भट्टाचार्य, महासचिव, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी
  12. पी.के. कुन्हालीकुट्टी, महासचिव, आईयूएमएल
  13. दीपांकर भट्टाचार्य, महासचिव भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (एमएल)

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