मरीजों की सेवा में लगी 108 एम्बुलेंस स्वयं बीमार, धक्का देने के बाद भी नहीं स्टार्ट हुई एम्बुलेंस

गढ़वा: झारखंड में मरीजों के लिए लाई गई 108 एम्बुलेंस सेवा खुद मरीज बन कर रह गई है. सही रख रखाव के अभाव में कबाड़ बन चुकी एम्बुलेंस लोगों को सुविधा नहीं बल्कि दुविधा दे रही है. ताज़ा नजारा गढ़वा जिले से सामने आया है जहां इलाज के एक गंभीर मरीज को एंबुलेंस के सहारे रांची के रिम्स भेजने की तैयारी चल रही थी लेकिन, जैसे ही गंभीर स्थिति में बच्ची को झारखंड सरकार के इस 108 एंबुलेंस में चढ़ाया गया एंबुलेंस खराब हो गया. इस एम्बुलेंस को स्टार्ट करने के लिए मौजूद लोगों और परिजनों ने धक्का मारकर स्टार्ट करने की कोशिश भी की लेकिन इसके बवाजोड़ एम्बुलेंस स्टार्ट नहीं हुआ. ये घटना के बाद मौके पर मौजूद हर कोई राज्य के स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाने लगा.

दरअसल यह पूरा मामला गढ़वा सदर अस्पताल का है जहां गढ़वा के रमना मड़वनिया निवासी की 6 वर्षीय पुत्री का इलाज चल रहा था, लेकिन बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स रेफर कर दिया. इसी के बाद सदर अस्पताल की ओर से बच्ची को रिम्स भेजने के 108 एंबुलेंस मंगवाया गया. लेकिन, स्वास्थ व्यवस्था की पोल तब खुल गई जब मरीज एम्बुलेंस पर आते ही एम्बुलेंस स्टार्ट ही नहीं हुआ जिसके बाद मेराल से एम्बुलेंस की व्यवस्था कर बच्ची को रांची भेजा गया.

इस मामले पर जिले के सिविल सर्जन डॉ कमलेश कुमार ने एम्बुलेंस ने एम्बुलेंस की स्थिति पर सवाल खड़ा किया है. उन्होंने एम्बुलेंस में आई तकनीकी खराबी और सेवा में लगे सभी 108 एम्बुलेंस के जांच के आदेश दिया है.

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