कांटाटोली फ्लाइओवर के लिए 1.43 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण

जमीन की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक
जमीन की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक

रांची : राजधानी में योगदा सत्संग आश्रम, बहु बाजार से कांटाटोली चौक होते हुए शांति नगर कोकर तक बनने वाले फ्लाईओवर के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू हो गया. वाईएमसीए बहू बाजार से योगदा सत्संग की ओर अब करीब 1.43 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है. इसके लिए 27 प्लॉट चिह्नित किए गए हैं. जिसमें 8 प्लॉट रांची नगर निगम के हैं. इसमें करीब 20 डिसमील जमीन निगम की है. 8 प्लॉट एसपीजी मिशन की जिसमें 80.97 डिसमील जमीन का अधिग्रहण होगा. इसके अलावा 9 प्लॉट रैयतों की है. जिला प्रशासन ने भू-अर्जन अधिनियम के तहत धारा-11 करते हुए जमीन की खरीद-बिक्री, निर्माण और अन्य कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है.

कोनका व सीरम मौजा की है जमीन
फ्लाईओवर निर्माण को लेकर जमीन अधिग्रहण के लिए नगर निगम के उप नगर आयुक्त की ओर से जिला प्रशासन को अधियाचना दी गई है. इसके तहत ही अधिग्रहण का कार्य किया जा रहा है. सभी जमीन शहर अंचल के कोनका और सीरम मौजा (वार्ड नंबर 04. 05 एवं 06 (पुराना) की है.

2016 में फ्लाईओवर बनाने का हुआ निर्णय
कांटाटोली में 1250 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने का निर्णय वर्ष 2016 में रघुवर सरकार के कार्यकाल में हुआ था. वर्ष 2017 में मोदी कंस्ट्रक्शन एजेंसी का चयन इस कार्य के लिए हुआ. मगर जमीन अधिग्रहण नहीं होने से काम शुरू नहीं हुआ. वर्ष 2018 में भू-अर्जन का काम पूरा होने के बाद निर्माण शुरू हुआ. वर्ष 2020 तक काम पूरा होना था मगर नहीं हुआ.

हेमंत सरकार ने बढ़ाई फ्लाईओवर की लंबाई
पहले फ्लाईओवर की लंबाई 1250 मीटर थी. जिसके लिए 4.70 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था. मगर हेमंत सरकार ने फ्लाईओवर की लंबाई बढ़ाकर 2240 मीटर कर दी है. इसके कारण फिर 1.43 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हो रहा है.

187 करोड़ खर्च होने की उम्मीद
कई दिनों से अटके पड़े कांटाटोली फ्लाईओवर निर्माण को लेकर झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड ने ई-प्रोक्योरमेंट नोटिस जारी कर दिया है. दूसरी बार जारी शॉर्ट टेंडर नोटिस में कहा गया है कि योगदा सत्संग आश्रम, बहु बाजार (रांची) से कांटाटोली चौक होते शांति नगर, कोकर (रांची) तक फ्लाईओवर तैयार किया जाएगा. इसकी कुल लंबाई 2240 मीटर होगी. बताते चलें कि 2017 में 42 करोड़ की लागत से 900 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने की योजना थी. करीब 20 करोड़ खर्च होने पर भी सिर्फ एक अधूरा पिलर ही बन पाया. इसके बाद लंबाई बढ़ाकर 1250 मीटर की गई और लागत करीब 84 करोड़ का अनुमान लगाया गया. अब लंबाई 2224 मीटर हो गई और लागत 187 करोड़ रुपए आने की उम्मीद है.

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