Sunday 29th of March 2026 08:58:41 AM
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दिल्ली दंगों के दौरान अंकित शर्मा को न बचा पाने का अफसोस

दिल्ली के कंस्टिट्यूशन क्लब में दंगों में मृत परिवारों के लिए मौन रखतं कपिल मिश्रा

अगर उन्होने दोबारा सड़कें बंद की तो मैं फिर वही करुंगा जो किया था। अगर उन्होने हिंदुओं को इस्लामी एकता के नाम पर डराने की कोशिश की तो कोई न कोई कपिल मिश्रा तो खड़ा होगा ही । मैंने दिल्ली दंगों के दौरान जो कुछ किया उसपर गर्व है, अगर दोबारा मौका मिला तो वही करुंगा । ये बातें भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कही । वे दिल्ली दंगों के एक साल पूरा होने पर कंस्टिट्यूशन क्लब में बोल रहे थे।

अंकित शर्मा और रतन लाल को न बचा पाने का अफसोस जिंदगी भर रहेगा

कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस अफसर अंकित शर्मा की भीड़ ने हत्या कर दी। उनके जिम्स को चाकूओं से छलनी कर दिया. उन्हे जावरों की तरह पीटा गया। दरिंदे उनकी बोटियां नोंच रहे थे। ये मेरी जिंदगी का सबसे खौफनाक और दिल दहलाने वाला पल था। अंकित शर्मा और हेड कॉन्सटेबल रतन लाल को न बचा पाने का अफसोस जिंदगी भर रहेगा ।

ताहिर हुसैन की बिल्डिंग ध्वस्त करने की मांग

कपिल मिश्रा ने दिल्ली दंगों पर लिखी एक पुस्तक का विमोचन भी किया. उन्होने कहा कि दिल्ली में दंगे स्वतः स्फूर्त नहीं थे। बल्कि ये जिहादी ताकतों के महीनों की प्लानिंग का नतीजा थे। ताहिर हुसैन जैसे लोग इस पूरी साजिश में शामिल थे, इस बात के सबूत भी मिले हैं और कोर्ट में इसकी पु,्टि बी हुई है। ताहिर हुसैन के जिस छत को हथियार जमा करने के लिए और हिंदुओं पर हमले के लिए इस्तेमाल किया गया, वो आज भी खड़ा है। मैं सरकार से उस बिल्डिंग को गिराने की मांग करता हूं। जबतक वह बिल्डिंग खड़ी रहेगी, लोगों को दंगे से जुड़ी याद सताती रहेगी ।

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