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हजारीबाग जेपी केंद्रीय कारा के डिटेंशन कैंप से म्यांमार का बंदी फरार

खिड़की का रंग काटकर भागा अब्दूल्ला, सुरक्षा में तैनात कक्षपाल को शोकाॅज

घटनास्थल से हस्का्ब्लेड, काटा हुआ रड बरामद

अजय निराला/उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/हजारीबाग। जय प्रकाश नारायण केंद्रीय कारा हजारीबाग परिसर स्थित डिटेंशन कैंप से रविवार की अहले सुबह म्यांमार का बंदी अब्दूल्ला खिड़की का रंग काटकर फिल्मी अंदाज में फरार हो गया। अब्दूल्ला भारत बिना बीजा के ही प्रवेश कर गया था।इसी आरोप में उसे 23 मई 2018 को मनोरंजन कुमार ने दुमका में पकड़ा था। उसे दुमका के गेस्ट हाउस में रखा गया था। अब्दूल्ला 26 फरवरी 2020 को हजारीबाग भेजा गया। म्यांमार वर्मा देश के मनगरीटोंग थाना भुशीटोंग निवासी  अब्बू उफैन का पुत्र अब्दूल्ला है। इसके माता का नाम रोकीमा खातून है। काराधीक्षक कुमार चन्द्र शेखर के अनुसार वह अहले सुबह 3 से 6 बजे के बीच फरार हुआ है। इस संबंध में सुरक्षा में तैनात कक्षपाल रणधीर कुमार पाल और बंदेश्वर दूवे समेत अन्य कक्षपालों से भी स्पष्टीकरण पूछा गया है।  मौके पर डिटेंशन कैंप के खिड़की का काटा हुआ रड और काटने में इस्तेमाल किए गए हस्काब्लेड बरामद किया गया है।

एसपी ने किया सेंट्रल जेल का निरीक्षणहजारीबाग के एसपी कार्तिक एस ने रविवार को घटना की सूचना मिलने के बाद सेंट्रल जेल पहुंच कर निरीक्षण किया। साथ ही सुरक्षा के वाबत काराधीक्षक से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि फरार बंदी डिटेंशन कैंप में रह रहा था। फरार होने के बाद हजारीबाग जिले की सीमाएं को सील कर दी गई है। बंदी को पकड़ने के लिए छापामारी की जा रही है।

जेल की सुरक्षा पर उठे सवालम्यांमार के बंदी अब्दूल्ला के फरार होने से सेन्ट्रल जेल हजारीबाग की सुरक्षा पर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। जेल अधीक्षक भी यह मानते हैं कि डिटेंशन कैंप की खिड़की का रंग एक दिन में नहीं काटा गया है। फिर हस्काब्लेड बंदी तक कैसे पहुंचा। इन बिन्दुओं पर गहनता से जांच शुरू कर दी गई है।

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