मिशन समृद्धि एक नए मिशन पर, अब महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की मुहिम

मेदिनीनगर (उज्ज्वल दुनिया)ः सामाजिक सरोकारों से जुड़ी महिलाओं की संस्था मिशन समृद्धि अब एक नए मिशन की ओर बढ़ रही है। कोरोना काल में जरूरतमंदों के पेट की आग शांत करने, ठंड में गरीबों और असहायों का तन ढकने और गंदी बस्तियों में रहने वाले बच्चों के लिए समृद्धि पाठशाला संचालित करने जैसे सामाजिक कार्यों के बाद अब इस संगठन ने मलीन बस्तियों में रहने वाली महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की मुहिम शुरू की है। ‘मिशन समृद्धि’ ने महिला दिवस पर यह संकल्प लिया है कि पलामू जिले के सदर प्रखंड स्थित कचरवा टोला की महिलाओं को रोजगार से जोड़ कर उन्हें सशक्त बनाना है। मिशन समृद्धि के इस संकल्प से वहां की महिलाओं को काफी बल मिला है। हालांकि इससे पहले भी महिलाओं के सामाजिक संगठन ने कचरवा की महिलाओं को ठोंगा बनाने प्रशिक्षण दिया था और कल भी उन्हें प्रशिक्षित किया गया। अब मिशन समृद्धि का लक्ष्य कचरवा टोला की वैसी अशिक्षित महिलायें, जो घर-घर जाकर झाड़ू लगाने और बर्तन मांजने का काम करती हैं, उन्हें स्वावलंबी बनाना। इसके लिए उन्हें जूट का पौदान, बैग, बेकार बांस के टुकड़े से सुंदर गुलदस्ता और विभिन्न सामाग्रियों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे स्वावलंबी बन सके और वे भी अपनी जिंदगी जी सकें और बच्चों का उचित पालन-पोषण कर सके। मिशन समृद्धि की अध्यक्ष शीला श्रीवास्तव ने बताया कि महिला दिवस का माहौल है। सर्वत्र महिलाओं के सशक्तीकरण की बात हो रही है तो मिशन समृद्धि भी इसमें अपनी सहभागिता निभा रही है। वे कहती हैं कि पलामू जिला के कचरवा टोला में हम सब महिलाओं का जाना उचित नहीं था और होना भी नहीं चाहिए, क्योंकि वहां जाने के बाद यही लगा कि हमलोग यहां पाठशाला कैसे चला पाऐंगे। शराब और जुए का माहौल। किसी का पीकर आ जाना और डिस्टर्ब करना दिल को दहला जाता था लेकिन हम महिलाओं ने यह ठाना कि हमारा संकल्प सही है, तो हम जीतेंगे जरुर। हमलोगों ने लगातार वहां जाना शुरू किया। फिर क्या कहना था ,माहौल ही बदल गया। इन परिस्थितियों को बदलने में जो सबसे बड़ा सहायक साबित हुआ वह था हमारा आत्मविश्वास। अब तो यह आलम है कि हमलोगों के पहुंचते ही असामाजिक तत्व वहां से दूर निकल लेते हैं। कचरवा जाना अब हमलोगों के लिए एक टास्क बन गया और मन में यही लगन है कि यहां महिलाओं को स्वावलंबी बना कर उनको समृद्ध बनाऐंगे ताकि आने वाली पीढ़ी हमारे बच्चे जिम्मेदार बनेंगे। श्रीमती श्रीवास्तव इस कार्य के लिए मिशन समृद्धि की टीम का मनोबल बढ़ाने और महिलाओं को कानूनी जानकारी देने के लिए अधिवक्ता वीणा मिश्रा साधुवाद के पात्र हैं। कोरोनाकाल में जरूरतमंदों के लिए काम करने के लिए शैलेन्द्र कुमार और शीला गोस्वामी को वीणा मिश्रा के द्वारा सम्मानित किया गया। शीला श्रीवास्तव ने टीम की सक्रिय सदस्य प्रो सरिता कुमारी, बैजन्ती गुप्ता, वन्दना श्रीवास्तव, वीणा गुप्ता, शीला गोस्वामी, रेणुवाला सहाय, पिंकी, शैलेन्द्र कुमार के सहयोग के लिए उनके प्रति भी कृतज्ञता जाहिर की है।

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