जाति प्रमाण पत्र मामले में समरी लाल ने उठाया बड़ा कदम

  • कास्ट स्क्रूटनी कमिटी के फैसले को समरी लाल की चौनती
  • गवाह और साक्ष्य के आधार पर जाती प्रमाण पत्र को ठहराया गलत- समरी लाल 

जाति प्रमाण पत्र मामले में कांके विधायक समरी लाल ने कास्ट स्क्रूटनी कमिटी की ओर से उनके जाति प्रमाण पत्र को गलत ठहराए जाने के फैसले को चुनौती दिया है. विधायक ने ये रिट याचिका झारखंड हाई कोर्ट में दाखिल की है. समरी लाल के अधिवक्ता हर्ष कुमार का कहना है कि बिना किसी ठोस सबूत के की जाति प्रमाण पत्र को अवैध करार दिया गया है.

वहीं विधायक समरी लाल ने अपनी याचिका में जन्म के वर्ष और एकीकृत बिहार में उनकी जाति की श्रेणी का उल्लेख करते हुए स्क्रूटिनी कमिटी पर बिना किसी गवाह और ठोस साक्ष्य के उनके जाति प्रमाण पत्र को ग़लत क़रार देने का आरोप लगाया है.

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